जनशिकायतों के समाधान में पहली बार लखनऊ अव्वल

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जनशिकायतों के समाधान में पहली बार लखनऊ अव्वल

लखनऊ जनशिकायतों के समाधान में पहली बार लखनऊ एक नम्बर पर पहुंचा है। आईजीआरएस यानी इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम से आने वाली शिकायतों में लखनऊ पूरे प्रदेश में अव्वल रहा है।कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए लखनऊ में तकनीक का भी बेहतर प्रयोग हुआ है। हाल ही में जिला कलेक्ट्रेट में वर्चुअल जनसुनवाई भी शुरू की गई है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जन समस्याओं का इसके जरिए समाधान किया जा रहा है। इसके अलावा कलेक्ट्रेट में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की स्थापना से भी शिकायतों के समाधान में तेजी आई है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने जिलास्तरीय प्रत्येक अधिकारी से कहा है कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाले शिकायतों का तय समय से पहले ही समाधान कर दें। आईजीआरएस पोर्टल पर किसी समस्या का समाधान हो जाने के बाद शासन स्तर से पीड़ित को फोन कर उसका पक्ष लिया जाता है। पूछा जाता है कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं। शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने पर ही समाधान माना जाता है।

– लखनऊ को मिले सबसे अधिक अंक

जनसुनवाई में अलग-अलग शिकायतों के लिए अंक निर्धारित हैं। इसके अलावा तहसील सम्पूर्ण समाधान और थाना दिवस में आने वाली शिकायतों का भी लेखा जोखा रखा जाता है। कितनी शिकायतें आई, कितने समाधान रहे, इस आधार पर अंक मिलते हैं। लखनऊ को छह माह में कुल 599 संदर्भ मिले जिनमें समय से शिकायत को संबंधत अधिकारी के पास भेजा गया। इसमें 10 अंक मिले। इसी तरह डिफाल्टर श्रेणी में नौ अंक, ऑनलाइन शिकायतों के समाधान में आठ, तहसील थाना दिवस की शिकायतों के निस्तारण में नौ, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में भी नौ अंक मिले। कुल 150 में से 137 अंक मिलने के साथ ही लखनऊ का प्रतिशत सबसे ज्यादा 91.33 रहा।