योगी सरकार में मंत्री कमल रानी वरुण का निधन

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योगी सरकार में मंत्री कमल रानी वरुण का निधन
यूपी सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का रविवार को निधन हो गया। कोरोना वायरस से संक्रमित कमल रानी का लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज चल रहा था।
वह 62 साल की थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपना अयोध्या का दौरा स्थगित कर दिया। प्रदेश सरकार ने रविवार को राजकीय शोक रखने का ऐलान किया। इस क्रम में लखनऊ में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुका दिए गए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रदेश ने समर्पित जननेत्री को खो दिया : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर शोक करते हुए कहा कि प्रदेश ने एक समर्पित जननेत्री को खो दिया। उनके असमय निधन की सूचना व्यथित करने वाली है। वह बहुत अनुभवी और सक्षम नेता थीं। उन्होंने अपनी हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था। उन्होंने हमेशा समाज के दबे-कुचले वर्गों के कल्याण के लिए काम किया।
–  कैबिनेट की बैठक में दी गई श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने निधन की सूचना मिलने के बाद कैबिनेट की बैठक बुलाई। उसमें उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और प्रस्ताव पास किया गया कि उनके निधन से सरकार व समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। प्रस्ताव में कहा गया कि श्रीमती वरुण ने एक मंत्री के तौर पर विभागीय कार्यों का कुशलतापूर्वक निर्वहन में सराहनीय योगदान दिया और जनअकांक्षाओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री व उनके सहयोगी मंत्रियों ने दो मिनट मौन रख कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी मंत्री कमल रानी वरुण के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
– सेवा भारती में प्रचारक रहीं कमल रानी
कमल रानी वरुण का जन्म तीन मई, 1958 को हुआ। वह पिछले साल ही 21 अगस्त 2019 को प्रदेश मंत्रिमंडल में हुए फेरबदल में मंत्री बनी थीं। स्नातकोत्तर तक पढ़ाई करने वाली कमल रानी दो बार सभासद रहीं और वह 11 वीं व 12 वीं लोकसभा की सदस्य रहीं। दो बार सांसद भी बनीं। वह पहली बार विधायक व मंत्री बनी थीं। वह सेवा भारती में प्रचारक भी रहीं। कमल रानी वरुण घाटमपुर की सुरक्षित सीट से विधायक चुनी गईं थीं।
– 18 जुलाई को उनके कोरोना संक्रमण होने का पता चला
कमल रानी वरुण ने की सिविल अस्पताल में कोरोना संक्रमण की जांच हुई तो वह पाजिटिव निकलीं। उन्हें बाद में पीजीआई में भर्ती कराया गया। उन्हें सांस लेने में दिक्कत आने लगी। उन्हें आईसीयू में रखा गया था।
यूपी चीफ
राजप्रताप सिंह